
一 | 瑞典玩具制造商乐高周二公布,上半年营收同比飙升21%,植物模型、F1 赛车以及收藏级套装等成熟爆款产品线再度拉动业绩增长。 जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राजघाट पुल पर पांच अगस्त को बेलीपार के पिछौरा निवासी रविशंकर से तमंचे के बल पर 90 हजार रुपये लूट की गुत्थी अब तक पुलिस नहीं सुलझा पाई है। घटना के बाद संदेह के घेरे में आए चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित तो कर दिया गया, लेकिन उनकी भूमिका को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है।,अब विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।निलंबन के 20 दिन बाद भी पुलिस लाइन में आमद न कराने पर सभी पुलिसकर्मियों के घर नोटिस भेजा गया है। दरअसल, लूट की घटना के अगले ही दिन बदमाशों ने पीड़ित से तीन लाख रुपये और वसूलने की कोशिश की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे एसपी सिटी अभिनव त्यागी से की। जब केस दर्ज हुआ तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया- खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर लूट करने वालों के पीछे पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की आशंका सामने आयी, यही वजह रही कि नौसढ़ चौकी प्रभारी रहे शुभम श्रीवास्तव, महिला दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।,पूछताछ व जांच होने पर तीन पुलिसकर्मी बिना अनुमति के जीडी में किशोरी को बरामद करने का तथ्य दर्ज कर मुंबई चले गए थे। निलंबन के बाद उन्होंने 12 से 22 अगस्त तक के लिए मेडिकल भेजा, लेकिन मेडिकल की मियाद खत्म होने के बावजूद अब तक पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई।,सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने अब उनके मूल पते पर नोटिस भेजा है और गैरहाजिर रहने की वजह पूछी है।इसके अलावा इंदौर के जिस डाक्टर से निलंबित पुलिसकर्मियों ने मेडिकल बनवाकर भेजा था, उसका भी सत्यापन कराया जाएगा। विभाग यह जानना चाहता है कि मेडिकल सही है या सिर्फ जांच से बचने का बहाना।एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। लूटकांड की विवेचना भी तेजी से की जा रही है। उन्होंने बताया बहुत जल्द मामले की गुत्थी सुलझा ली जाएगी और सच्चाई सामने आ जाएगी।,यह भी पढ़ें- सिस्टम पर सवाल: आरोपी कर्मचारी को पहले किया बर्खास्त, फिर कर दिया बहाल घटनाक्रम की टाइमलाइन

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Published on:02:17:29